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चेचट ई मित्र संचालक को एसीबी ने रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा।

तहसीलदार के लिए रिश्वत लेता था, गिफ्ट डीड की रजिस्ट्री रोक कर बैठा था आरोपी।

  1. चेचट ई मित्र संचालक को एसीबी ने रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा, तहसीलदार के लिए रिश्वत लेता था, गिफ्ट डीड की रजिस्ट्री रोक कर बैठा था आरोपी।

कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को जिले के चेचट इलाके में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. टीम ने मौके से तहसीलदार के लिए रिश्वत मांग रहे ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है. साथ ही आरोपी ई-मित्र संचालक के पास से नकद 5 हजार रुपए बरामद किए गए. एसीबी की ओर से बताया गया कि ये पूरा मामला रजिस्ट्री करवाने को लेकर था. इस मामले में तहसीलदार की भूमिका की भी एसीबी जांच कर रही है. वर्तमान में तहसीलदार तहसील में मौजूद नहीं हैं.इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि 4 सितंबर को एक परिवादी ने शिकायत दी थी. चेचट में गिफ्ट डील करवाने की एवज में ई मित्र संचालक हरीश मंडोत पैसा की डिमांड कर रहा था. ये पैसे तहसीलदार के नाम पर मांगे जा रहे थे. ऐसे में इस शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें 5 सितंबर को ई मित्र संचालक ने पूरा काम करवाने की एवज में 5 हजार में सौदा तय किया. इस पर सोमवार को ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. साथ ही आरोपी ई मित्र संचालक को रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक अनीस अहमद के नेतृत्व में हुई.तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध : मामले के अनुसार परिवादी की बहन गिफ्ट डीड उसके नाम करवा रही थी. इस मामले में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई थी, जिसका पूरा खर्चा भी परिवादी ने दे दिया था, लेकिन तहसीलदार विकास वर्मा इस पर साइन नहीं कर रहे थे. यह पूरा साइन करवाकर देने की गारंटी ईमित्र संचालक हरीश मंडोत ने दी. वो इसके लिए सात हजार रुपए की डिमांड कर रहा था, लेकिन फिर 5 हजार में सौदा तय हुआ था. एसीबी के डीएसपी अनीस अहमद का कहना है कि इस पूरे मामले में तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध है. ऐसे में वर्तमान में वे तहसील में मौजूद नहीं हैं. इस पूरे प्रकरण में तहसीलदार की संलिप्तता के संबंध में भी जांच की जाएगी.।

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